पंचांग 24 अप्रैल 2028

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

24 अप्रैल 2028 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:11
सूर्यास्त18:54
चंद्रोदय06:09 (25 अप्रैल)
चंद्रास्त18:35
मास:
चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
संवत्सर:
कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण अमावस्या 01:17 (25 अप्रैल) तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 01:44 (26 अप्रैल) तक
नक्षत्र
अश्विनी 05:54 (25 अप्रैल) तक, फिर भरणी 06:56 (26 अप्रैल) तक
योग
विष्कम्भ 10:18 तक, फिर प्रीति 09:52 (25 अप्रैल) तक
करण
चतुष्पद 12:52 तक, फिर नाग 01:17 (25 अप्रैल) तक, फिर किंस्तुघ्न 13:34 (25 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:58
  • राहु काल07:46 – 09:22
  • यमगंड10:57 – 12:32
  • गुलिक काल14:08 – 15:43

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:11 – 07:46
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:46 – 09:22
  • शुभ(शुभ)09:22 – 10:57
  • रोग(वर्जित (परंपरा))10:57 – 12:32
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:08
  • चर(सामान्य)14:08 – 15:43
  • लाभ(शुभ)15:43 – 17:18
  • अमृत(शुभ)17:18 – 18:54

रात

  • चर(सामान्य)18:54 – 20:18
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:18 – 21:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:07
  • लाभ(शुभ)23:07 – 00:32 (25 अप्रैल)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:32 (25 अप्रैल) – 01:57 (25 अप्रैल)
  • शुभ(शुभ)01:57 (25 अप्रैल) – 03:21 (25 अप्रैल)
  • अमृत(शुभ)03:21 (25 अप्रैल) – 04:46 (25 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)04:46 (25 अप्रैल) – 06:10 (25 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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