पंचांग 23 अप्रैल 2028

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

23 अप्रैल 2028 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:12
सूर्यास्त18:53
चंद्रोदय05:29 (24 अप्रैल)
चंद्रास्त17:43
मास:
चैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
संवत्सर:
कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
मीन 04:27 (24 अप्रैल) तक, फिर मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:21 (24 अप्रैल) तक, फिर कृष्ण अमावस्या 01:16 (25 अप्रैल) तक
नक्षत्र
रेवती 04:27 (24 अप्रैल) तक, फिर अश्विनी 05:54 (25 अप्रैल) तक
योग
वैधृति 10:23 तक, फिर विष्कम्भ 10:19 (24 अप्रैल) तक
करण
विष्टि 11:42 तक, फिर शकुनि 00:21 (24 अप्रैल) तक, फिर चतुष्पद 12:52 (24 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:58
  • राहु काल17:18 – 18:53
  • यमगंड12:32 – 14:08
  • गुलिक काल15:43 – 17:18

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:12 – 07:47
  • चर(सामान्य)07:47 – 09:22
  • लाभ(शुभ)09:22 – 10:57
  • अमृत(शुभ)10:57 – 12:32
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:08
  • शुभ(शुभ)14:08 – 15:43
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:18
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:18 – 18:53

रात

  • शुभ(शुभ)18:53 – 20:18
  • अमृत(शुभ)20:18 – 21:43
  • चर(सामान्य)21:43 – 23:07
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:07 – 00:32 (24 अप्रैल)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:32 (24 अप्रैल) – 01:57 (24 अप्रैल)
  • लाभ(शुभ)01:57 (24 अप्रैल) – 03:21 (24 अप्रैल)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:21 (24 अप्रैल) – 04:46 (24 अप्रैल)
  • शुभ(शुभ)04:46 (24 अप्रैल) – 06:11 (24 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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