पंचांग 12 फ़रवरी 2028

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

12 फ़रवरी 2028 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:04
सूर्यास्त18:33
चंद्रोदय20:30
चंद्रास्त08:06
मास:
माघ (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
संवत्सर:
प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
सिंह 00:28 (13 फ़र॰) तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 13:04 तक, फिर कृष्ण तृतीया 09:39 (13 फ़र॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 19:09 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 16:36 (13 फ़र॰) तक
योग
अतिगण्ड 10:32 तक, फिर सुकर्मा 06:29 (13 फ़र॰) तक, फिर धृति 02:47 (14 फ़र॰) तक
करण
गर 13:04 तक, फिर वणिज 23:19 तक, फिर विष्टि 09:39 (13 फ़र॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:25 – 13:11
  • राहु काल09:56 – 11:22
  • यमगंड14:15 – 15:41
  • गुलिक काल07:04 – 08:30

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))07:04 – 08:30
  • शुभ(शुभ)08:30 – 09:56
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:56 – 11:22
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:22 – 12:48
  • चर(सामान्य)12:48 – 14:15
  • लाभ(शुभ)14:15 – 15:41
  • अमृत(शुभ)15:41 – 17:07
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:07 – 18:33

रात

  • लाभ(शुभ)18:33 – 20:07
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:07 – 21:41
  • शुभ(शुभ)21:41 – 23:14
  • अमृत(शुभ)23:14 – 00:48 (13 फ़र॰)
  • चर(सामान्य)00:48 (13 फ़र॰) – 02:22 (13 फ़र॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:22 (13 फ़र॰) – 03:56 (13 फ़र॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:56 (13 फ़र॰) – 05:29 (13 फ़र॰)
  • लाभ(शुभ)05:29 (13 फ़र॰) – 07:03 (13 फ़र॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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