पंचांग 15 दिसंबर 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
15 दिसंबर 2027 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:58
सूर्यास्त18:00
चंद्रोदय19:51
चंद्रास्त08:30
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- मिथुन 03:45 (16 दिस॰) तक, फिर कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 16:13 तक, फिर कृष्ण तृतीया 13:22 (16 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 11:21 तक, फिर पुनर्वसु 09:13 (16 दिस॰) तक
- योग
- शुक्ल 13:15 तक, फिर ब्रह्म 09:42 (16 दिस॰) तक
- करण
- गर 16:13 तक, फिर वणिज 02:47 (16 दिस॰) तक, फिर विष्टि 13:22 (16 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 12:51परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:29 – 13:52
- यमगंड08:21 – 09:43
- गुलिक काल11:06 – 12:29
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:58 – 08:21
- अमृत(शुभ)08:21 – 09:43
- काल(वर्जित (परंपरा))09:43 – 11:06
- शुभ(शुभ)11:06 – 12:29
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:29 – 13:52
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:52 – 15:14
- चर(सामान्य)15:14 – 16:37
- लाभ(शुभ)16:37 – 18:00
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:00 – 19:37
- शुभ(शुभ)19:37 – 21:15
- अमृत(शुभ)21:15 – 22:52
- चर(सामान्य)22:52 – 00:29 (16 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:29 (16 दिस॰) – 02:07 (16 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:07 (16 दिस॰) – 03:44 (16 दिस॰)
- लाभ(शुभ)03:44 (16 दिस॰) – 05:21 (16 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:21 (16 दिस॰) – 06:59 (16 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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