पंचांग 12 जनवरी 2025

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

12 जनवरी 2025 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:16
चंद्रोदय16:42
चंद्रास्त06:37 (13 जन॰)
मास:
पौष (अमांत)
संवत:
शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
संवत्सर:
क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
मिथुन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 05:03 (13 जन॰) तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 03:57 (14 जन॰) तक
नक्षत्र
मृगशीर्ष 11:24 तक, फिर आर्द्रा 10:38 (13 जन॰) तक
योग
ब्रह्म 09:09 तक, फिर इन्द्र 06:44 (13 जन॰) तक, फिर वैधृति 04:39 (14 जन॰) तक
करण
गर 17:46 तक, फिर वणिज 05:03 (13 जन॰) तक, फिर विष्टि 16:26 (13 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:20 – 13:05
  • राहु काल16:53 – 18:16
  • यमगंड12:42 – 14:06
  • गुलिक काल15:29 – 16:53

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:32
  • चर(सामान्य)08:32 – 09:56
  • लाभ(शुभ)09:56 – 11:19
  • अमृत(शुभ)11:19 – 12:42
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:42 – 14:06
  • शुभ(शुभ)14:06 – 15:29
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:29 – 16:53
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:53 – 18:16

रात

  • शुभ(शुभ)18:16 – 19:53
  • अमृत(शुभ)19:53 – 21:29
  • चर(सामान्य)21:29 – 23:06
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:06 – 00:42 (13 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:42 (13 जन॰) – 02:19 (13 जन॰)
  • लाभ(शुभ)02:19 (13 जन॰) – 03:56 (13 जन॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:56 (13 जन॰) – 05:32 (13 जन॰)
  • शुभ(शुभ)05:32 (13 जन॰) – 07:09 (13 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें