पंचांग 7 दिसंबर 2054

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

7 दिसंबर 2054 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:54
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय12:51
चंद्रास्त00:53 (8 दिस॰)
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत)
संवत:
शक 1976 · विक्रम (चैत्रादि) 2111
संवत्सर:
भाव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
कुंभ 06:25 (8 दिस॰) तक, फिर मीन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 00:55 (8 दिस॰) तक, फिर शुक्ल नवमी 03:18 (9 दिस॰) तक
नक्षत्र
शतभिषा 10:09 तक, फिर पूर्वभाद्रपदा 13:09 (8 दिस॰) तक
योग
वज्र 03:36 (8 दिस॰) तक, फिर सिद्धि 04:17 (9 दिस॰) तक
करण
विष्टि 11:36 तक, फिर बव 00:55 (8 दिस॰) तक, फिर बालव 14:10 (8 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:03 – 12:48
  • राहु काल08:17 – 09:39
  • यमगंड11:02 – 12:25
  • गुलिक काल13:48 – 15:11

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:54 – 08:17
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:17 – 09:39
  • शुभ(शुभ)09:39 – 11:02
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:02 – 12:25
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:25 – 13:48
  • चर(सामान्य)13:48 – 15:11
  • लाभ(शुभ)15:11 – 16:34
  • अमृत(शुभ)16:34 – 17:57

रात

  • चर(सामान्य)17:57 – 19:34
  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:34 – 21:11
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:11 – 22:49
  • लाभ(शुभ)22:49 – 00:26 (8 दिस॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:26 (8 दिस॰) – 02:03 (8 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)02:03 (8 दिस॰) – 03:40 (8 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)03:40 (8 दिस॰) – 05:17 (8 दिस॰)
  • चर(सामान्य)05:17 (8 दिस॰) – 06:54 (8 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123

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