पंचांग 6 सितंबर 2043
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
6 सितंबर 2043 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:45
चंद्रोदय08:31
चंद्रास्त20:29
- मास:
- भाद्रपद (अमांत)
- संवत:
- शक 1965 · विक्रम (चैत्रादि) 2100
- संवत्सर:
- रुधिरोद्गारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- कन्या 05:32 (7 सित॰) तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया 20:39 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 22:22 (7 सित॰) तक
- नक्षत्र
- हस्त 16:29 तक, फिर चित्रा 18:43 (7 सित॰) तक
- योग
- शुक्ल 05:51 (7 सित॰) तक, फिर ब्रह्म 06:20 (8 सित॰) तक
- करण
- तैतिल 07:59 तक, फिर गर 20:39 तक, फिर वणिज 09:27 (7 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:57
- राहु काल17:11 – 18:45
- यमगंड12:32 – 14:05
- गुलिक काल15:38 – 17:11
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:20 – 07:53
- चर(सामान्य)07:53 – 09:26
- लाभ(शुभ)09:26 – 10:59
- अमृत(शुभ)10:59 – 12:32
- काल(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:05
- शुभ(शुभ)14:05 – 15:38
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:38 – 17:11
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:11 – 18:45
रात
- शुभ(शुभ)18:45 – 20:12
- अमृत(शुभ)20:12 – 21:39
- चर(सामान्य)21:39 – 23:05
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:05 – 00:32 (7 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:32 (7 सित॰) – 01:59 (7 सित॰)
- लाभ(शुभ)01:59 (7 सित॰) – 03:26 (7 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:26 (7 सित॰) – 04:53 (7 सित॰)
- शुभ(शुभ)04:53 (7 सित॰) – 06:20 (7 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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