पंचांग 4 जनवरी 2043
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
4 जनवरी 2043 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:07
सूर्यास्त18:11
चंद्रोदय01:51 (5 जन॰)
चंद्रास्त12:56
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1965 · विक्रम (चैत्रादि) 2100
- संवत्सर:
- रुधिरोद्गारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- कन्या 11:26 तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी 03:41 (5 जन॰) तक, फिर कृष्ण दशमी 06:20 (6 जन॰) तक
- नक्षत्र
- चित्रा 01:01 (5 जन॰) तक, फिर स्वाती 04:05 (6 जन॰) तक
- योग
- अतिगण्ड 12:46 तक, फिर सुकर्मा 13:45 (5 जन॰) तक
- करण
- तैतिल 14:19 तक, फिर गर 03:41 (5 जन॰) तक, फिर वणिज 17:02 (5 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:17 – 13:01
- राहु काल16:48 – 18:11
- यमगंड12:39 – 14:02
- गुलिक काल15:25 – 16:48
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:07 – 08:30
- चर(सामान्य)08:30 – 09:53
- लाभ(शुभ)09:53 – 11:16
- अमृत(शुभ)11:16 – 12:39
- काल(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:02
- शुभ(शुभ)14:02 – 15:25
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:25 – 16:48
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:48 – 18:11
रात
- शुभ(शुभ)18:11 – 19:48
- अमृत(शुभ)19:48 – 21:25
- चर(सामान्य)21:25 – 23:02
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:02 – 00:39 (5 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:39 (5 जन॰) – 02:16 (5 जन॰)
- लाभ(शुभ)02:16 (5 जन॰) – 03:53 (5 जन॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:53 (5 जन॰) – 05:30 (5 जन॰)
- शुभ(शुभ)05:30 (5 जन॰) – 07:07 (5 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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