पंचांग 19 दिसंबर 2042
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
19 दिसंबर 2042 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:00
सूर्यास्त18:02
चंद्रोदय12:11
चंद्रास्त00:19 (20 दिस॰)
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1964 · विक्रम (चैत्रादि) 2099
- संवत्सर:
- दुंदुभी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- कुंभ 23:25 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी 18:44 तक, फिर शुक्ल अष्टमी 17:05 (20 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 05:11 (20 दिस॰) तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 04:02 (21 दिस॰) तक
- योग
- सिद्धि 23:08 तक, फिर व्यतीपात 20:32 (20 दिस॰) तक
- करण
- गर 07:25 तक, फिर वणिज 18:44 तक, फिर विष्टि 05:57 (20 दिस॰) तक, फिर बव 17:05 (20 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:53
- राहु काल11:08 – 12:31
- यमगंड15:16 – 16:39
- गुलिक काल08:23 – 09:46
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)07:00 – 08:23
- लाभ(शुभ)08:23 – 09:46
- अमृत(शुभ)09:46 – 11:08
- काल(वर्जित (परंपरा))11:08 – 12:31
- शुभ(शुभ)12:31 – 13:54
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:54 – 15:16
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:16 – 16:39
- चर(सामान्य)16:39 – 18:02
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:02 – 19:39
- काल(वर्जित (परंपरा))19:39 – 21:17
- लाभ(शुभ)21:17 – 22:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:54 – 00:31 (20 दिस॰)
- शुभ(शुभ)00:31 (20 दिस॰) – 02:09 (20 दिस॰)
- अमृत(शुभ)02:09 (20 दिस॰) – 03:46 (20 दिस॰)
- चर(सामान्य)03:46 (20 दिस॰) – 05:24 (20 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:24 (20 दिस॰) – 07:01 (20 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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