पंचांग 9 अक्टूबर 2042
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
9 अक्टूबर 2042 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:26
सूर्यास्त18:16
चंद्रोदय03:18 (10 अक्टू॰)
चंद्रास्त15:40
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1964 · विक्रम (चैत्रादि) 2099
- संवत्सर:
- दुंदुभी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- कर्क 14:16 तक, फिर सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी 22:14 तक, फिर कृष्ण द्वादशी 00:08 (11 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 14:15 तक, फिर मघा 16:33 (10 अक्टू॰) तक
- योग
- साध्य 17:08 तक, फिर शुभ 17:29 (10 अक्टू॰) तक
- करण
- बव 09:28 तक, फिर बालव 22:14 तक, फिर कौलव 11:08 (10 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:58 – 12:45
- राहु काल13:50 – 15:19
- यमगंड06:26 – 07:55
- गुलिक काल09:24 – 10:52
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:26 – 07:55
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:55 – 09:24
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:52
- चर(सामान्य)10:52 – 12:21
- लाभ(शुभ)12:21 – 13:50
- अमृत(शुभ)13:50 – 15:19
- काल(वर्जित (परंपरा))15:19 – 16:47
- शुभ(शुभ)16:47 – 18:16
रात
- अमृत(शुभ)18:16 – 19:47
- चर(सामान्य)19:47 – 21:19
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:19 – 22:50
- काल(वर्जित (परंपरा))22:50 – 00:21 (10 अक्टू॰)
- लाभ(शुभ)00:21 (10 अक्टू॰) – 01:53 (10 अक्टू॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:53 (10 अक्टू॰) – 03:24 (10 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)03:24 (10 अक्टू॰) – 04:55 (10 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)04:55 (10 अक्टू॰) – 06:27 (10 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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