पंचांग 4 मार्च 2042

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

4 मार्च 2042 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:51
सूर्यास्त18:41
चंद्रोदय16:45
चंद्रास्त06:01 (5 मार्च)
मास:
फाल्गुन (अमांत)
संवत:
शक 1963 · विक्रम (चैत्रादि) 2098
संवत्सर:
दुर्मति (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
कुंभ
चंद्र राशि:
कर्क 05:38 (5 मार्च) तक, फिर सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 21:10 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 23:17 (5 मार्च) तक
नक्षत्र
आश्लेषा 05:38 (5 मार्च) तक, फिर मघा 08:19 (6 मार्च) तक
योग
अतिगण्ड 05:27 (5 मार्च) तक, फिर सुकर्मा 06:04 (6 मार्च) तक
करण
कौलव 08:14 तक, फिर तैतिल 21:10 तक, फिर गर 10:12 (5 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:22 – 13:10
  • राहु काल15:43 – 17:12
  • यमगंड09:48 – 11:17
  • गुलिक काल12:46 – 14:15

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:51 – 08:20
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:20 – 09:48
  • चर(सामान्य)09:48 – 11:17
  • लाभ(शुभ)11:17 – 12:46
  • अमृत(शुभ)12:46 – 14:15
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:15 – 15:43
  • शुभ(शुभ)15:43 – 17:12
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:12 – 18:41

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:41 – 20:12
  • लाभ(शुभ)20:12 – 21:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:14
  • शुभ(शुभ)23:14 – 00:45 (5 मार्च)
  • अमृत(शुभ)00:45 (5 मार्च) – 02:17 (5 मार्च)
  • चर(सामान्य)02:17 (5 मार्च) – 03:48 (5 मार्च)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:48 (5 मार्च) – 05:19 (5 मार्च)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:19 (5 मार्च) – 06:50 (5 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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