पंचांग 5 अक्टूबर 2040

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

5 अक्टूबर 2040 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:25
सूर्यास्त18:19
चंद्रोदय06:21 (6 अक्टू॰)
चंद्रास्त18:00
मास:
भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1962 · विक्रम (चैत्रादि) 2097
संवत्सर:
रौद्र (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कन्या
चंद्र राशि:
कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 10:34 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 10:55 (6 अक्टू॰) तक
नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी 17:49 तक, फिर हस्त 18:40 (6 अक्टू॰) तक
योग
ब्रह्म 02:19 (6 अक्टू॰) तक, फिर इन्द्र 01:17 (7 अक्टू॰) तक
करण
शकुनि 10:34 तक, फिर चतुष्पद 22:48 तक, फिर नाग 10:55 (6 अक्टू॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:58 – 12:46
  • राहु काल10:53 – 12:22
  • यमगंड15:21 – 16:50
  • गुलिक काल07:55 – 09:24

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:25 – 07:55
  • लाभ(शुभ)07:55 – 09:24
  • अमृत(शुभ)09:24 – 10:53
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:53 – 12:22
  • शुभ(शुभ)12:22 – 13:51
  • रोग(वर्जित (परंपरा))13:51 – 15:21
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:21 – 16:50
  • चर(सामान्य)16:50 – 18:19

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:19 – 19:50
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:50 – 21:21
  • लाभ(शुभ)21:21 – 22:51
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:51 – 00:22 (6 अक्टू॰)
  • शुभ(शुभ)00:22 (6 अक्टू॰) – 01:53 (6 अक्टू॰)
  • अमृत(शुभ)01:53 (6 अक्टू॰) – 03:24 (6 अक्टू॰)
  • चर(सामान्य)03:24 (6 अक्टू॰) – 04:55 (6 अक्टू॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:55 (6 अक्टू॰) – 06:26 (6 अक्टू॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

अपनी कुंडली देखें