पंचांग 9 जुलाई 2040

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

9 जुलाई 2040 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:04
सूर्यास्त19:15
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त19:28
मास:
ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1962 · विक्रम (चैत्रादि) 2097
संवत्सर:
रौद्र (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
मिथुन 04:12 (10 जुल॰) तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण अमावस्या 14:44 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 17:12 (10 जुल॰) तक
नक्षत्र
आर्द्रा 07:55 तक, फिर पुनर्वसु 10:58 (10 जुल॰) तक
योग
व्याघात 03:09 (10 जुल॰) तक, फिर हर्षण 04:09 (11 जुल॰) तक
करण
नाग 14:44 तक, फिर किंस्तुघ्न 03:59 (10 जुल॰) तक, फिर बव 17:12 (10 जुल॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:06
  • राहु काल07:43 – 09:22
  • यमगंड11:01 – 12:39
  • गुलिक काल14:18 – 15:57

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:04 – 07:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:43 – 09:22
  • शुभ(शुभ)09:22 – 11:01
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:01 – 12:39
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:18
  • चर(सामान्य)14:18 – 15:57
  • लाभ(शुभ)15:57 – 17:36
  • अमृत(शुभ)17:36 – 19:15

रात

  • चर(सामान्य)19:15 – 20:36
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:36 – 21:57
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:57 – 23:18
  • लाभ(शुभ)23:18 – 00:40 (10 जुल॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:40 (10 जुल॰) – 02:01 (10 जुल॰)
  • शुभ(शुभ)02:01 (10 जुल॰) – 03:22 (10 जुल॰)
  • अमृत(शुभ)03:22 (10 जुल॰) – 04:43 (10 जुल॰)
  • चर(सामान्य)04:43 (10 जुल॰) – 06:04 (10 जुल॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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