पंचांग 17 जून 2040

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

17 जून 2040 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:58
सूर्यास्त19:12
चंद्रोदय12:08
चंद्रास्त00:49 (18 जून)
मास:
ज्येष्ठ (अमांत)
संवत:
शक 1962 · विक्रम (चैत्रादि) 2097
संवत्सर:
रौद्र (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
सिंह 21:33 तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 14:35 तक, फिर शुक्ल अष्टमी 15:18 (18 जून) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 15:09 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 16:30 (18 जून) तक
योग
सिद्धि 22:46 तक, फिर व्यतीपात 22:11 (18 जून) तक
करण
वणिज 14:35 तक, फिर विष्टि 03:02 (18 जून) तक, फिर बव 15:18 (18 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:09 – 13:02
  • राहु काल17:33 – 19:12
  • यमगंड12:35 – 14:14
  • गुलिक काल15:54 – 17:33

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:58 – 07:37
  • चर(सामान्य)07:37 – 09:17
  • लाभ(शुभ)09:17 – 10:56
  • अमृत(शुभ)10:56 – 12:35
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:35 – 14:14
  • शुभ(शुभ)14:14 – 15:54
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:54 – 17:33
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:33 – 19:12

रात

  • शुभ(शुभ)19:12 – 20:33
  • अमृत(शुभ)20:33 – 21:54
  • चर(सामान्य)21:54 – 23:15
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:15 – 00:35 (18 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:35 (18 जून) – 01:56 (18 जून)
  • लाभ(शुभ)01:56 (18 जून) – 03:17 (18 जून)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:17 (18 जून) – 04:37 (18 जून)
  • शुभ(शुभ)04:37 (18 जून) – 05:58 (18 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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