पंचांग 20 मार्च 2039

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

20 मार्च 2039 · रविवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:39
सूर्यास्त18:45
चंद्रोदय04:23 (21 मार्च)
चंद्रास्त14:54
मास:
फाल्गुन (अमांत) · चैत्र (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1960 · विक्रम (चैत्रादि) 2095
संवत्सर:
कालयुक्त (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
मकर

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
रविवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:17 तक, फिर कृष्ण द्वादशी 22:47 (21 मार्च) तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 09:43 तक, फिर श्रवण 09:41 (21 मार्च) तक
योग
परिघ 06:57 तक, फिर शिव 05:12 (21 मार्च) तक, फिर सिद्ध 03:43 (22 मार्च) तक
करण
बव 11:40 तक, फिर बालव 23:17 तक, फिर कौलव 10:59 (21 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:18 – 13:06
  • राहु काल17:14 – 18:45
  • यमगंड12:42 – 14:13
  • गुलिक काल15:43 – 17:14

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:39 – 08:09
  • चर(सामान्य)08:09 – 09:40
  • लाभ(शुभ)09:40 – 11:11
  • अमृत(शुभ)11:11 – 12:42
  • काल(वर्जित (परंपरा))12:42 – 14:13
  • शुभ(शुभ)14:13 – 15:43
  • रोग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:14
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:14 – 18:45

रात

  • शुभ(शुभ)18:45 – 20:14
  • अमृत(शुभ)20:14 – 21:43
  • चर(सामान्य)21:43 – 23:12
  • रोग(वर्जित (परंपरा))23:12 – 00:41 (21 मार्च)
  • काल(वर्जित (परंपरा))00:41 (21 मार्च) – 02:10 (21 मार्च)
  • लाभ(शुभ)02:10 (21 मार्च) – 03:40 (21 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:40 (21 मार्च) – 05:09 (21 मार्च)
  • शुभ(शुभ)05:09 (21 मार्च) – 06:38 (21 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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