पंचांग 15 अक्टूबर 2037
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
15 अक्टूबर 2037 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:28
सूर्यास्त18:11
चंद्रोदय12:29
चंद्रास्त23:50
- मास:
- आश्विन (अमांत)
- संवत:
- शक 1959 · विक्रम (चैत्रादि) 2094
- संवत्सर:
- पिंगल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी 17:22 तक, फिर शुक्ल अष्टमी 18:20 (16 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 02:03 (16 अक्टू॰) तक, फिर उत्तराषाढ़ा 03:50 (17 अक्टू॰) तक
- योग
- अतिगण्ड 17:03 तक, फिर सुकर्मा 16:41 (16 अक्टू॰) तक
- करण
- वणिज 17:22 तक, फिर विष्टि 05:45 (16 अक्टू॰) तक, फिर बव 18:20 (16 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:56 – 12:43
- राहु काल13:48 – 15:16
- यमगंड06:28 – 07:56
- गुलिक काल09:24 – 10:52
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:28 – 07:56
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:56 – 09:24
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:52
- चर(सामान्य)10:52 – 12:20
- लाभ(शुभ)12:20 – 13:48
- अमृत(शुभ)13:48 – 15:16
- काल(वर्जित (परंपरा))15:16 – 16:44
- शुभ(शुभ)16:44 – 18:11
रात
- अमृत(शुभ)18:11 – 19:44
- चर(सामान्य)19:44 – 21:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:16 – 22:48
- काल(वर्जित (परंपरा))22:48 – 00:20 (16 अक्टू॰)
- लाभ(शुभ)00:20 (16 अक्टू॰) – 01:52 (16 अक्टू॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))01:52 (16 अक्टू॰) – 03:24 (16 अक्टू॰)
- शुभ(शुभ)03:24 (16 अक्टू॰) – 04:56 (16 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)04:56 (16 अक्टू॰) – 06:28 (16 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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