पंचांग 16 जून 2037
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
16 जून 2037 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:58
सूर्यास्त19:12
चंद्रोदय08:20
चंद्रास्त21:46
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत)
- संवत:
- शक 1959 · विक्रम (चैत्रादि) 2094
- संवत्सर:
- पिंगल (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मिथुन
- चंद्र राशि:
- कर्क
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया 17:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 15:17 (17 जून) तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु 10:42 तक, फिर पुष्य 09:20 (17 जून) तक
- योग
- ध्रुव 19:40 तक, फिर व्याघात 16:49 (17 जून) तक
- करण
- तैतिल 06:30 तक, फिर गर 17:28 तक, फिर वणिज 04:23 (17 जून) तक, फिर विष्टि 15:17 (17 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:08 – 13:01
- राहु काल15:53 – 17:33
- यमगंड09:16 – 10:56
- गुलिक काल12:35 – 14:14
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:58 – 07:37
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:37 – 09:16
- चर(सामान्य)09:16 – 10:56
- लाभ(शुभ)10:56 – 12:35
- अमृत(शुभ)12:35 – 14:14
- काल(वर्जित (परंपरा))14:14 – 15:53
- शुभ(शुभ)15:53 – 17:33
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:33 – 19:12
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))19:12 – 20:33
- लाभ(शुभ)20:33 – 21:53
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:53 – 23:14
- शुभ(शुभ)23:14 – 00:35 (17 जून)
- अमृत(शुभ)00:35 (17 जून) – 01:56 (17 जून)
- चर(सामान्य)01:56 (17 जून) – 03:16 (17 जून)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:16 (17 जून) – 04:37 (17 जून)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:37 (17 जून) – 05:58 (17 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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