पंचांग 9 जनवरी 2035
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
9 जनवरी 2035 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:14
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त18:09
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1957 · विक्रम (चैत्रादि) 2092
- संवत्सर:
- राक्षस (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- धनु 06:41 (10 जन॰) तक, फिर मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 20:33 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 22:05 (10 जन॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा 00:10 (10 जन॰) तक, फिर उत्तराषाढ़ा 02:08 (11 जन॰) तक
- योग
- व्याघात 03:13 (10 जन॰) तक, फिर हर्षण 03:11 (11 जन॰) तक
- करण
- चतुष्पद 07:39 तक, फिर नाग 20:33 तक, फिर किंस्तुघ्न 09:21 (10 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:19 – 13:03
- राहु काल15:27 – 16:51
- यमगंड09:55 – 11:18
- गुलिक काल12:41 – 14:04
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:32
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:32 – 09:55
- चर(सामान्य)09:55 – 11:18
- लाभ(शुभ)11:18 – 12:41
- अमृत(शुभ)12:41 – 14:04
- काल(वर्जित (परंपरा))14:04 – 15:27
- शुभ(शुभ)15:27 – 16:51
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:51 – 18:14
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:14 – 19:51
- लाभ(शुभ)19:51 – 21:27
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:27 – 23:04
- शुभ(शुभ)23:04 – 00:41 (10 जन॰)
- अमृत(शुभ)00:41 (10 जन॰) – 02:18 (10 जन॰)
- चर(सामान्य)02:18 (10 जन॰) – 03:55 (10 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:55 (10 जन॰) – 05:32 (10 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:32 (10 जन॰) – 07:09 (10 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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