पंचांग 8 नवंबर 2034
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 नवंबर 2034 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:37
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदय05:04 (9 नव॰)
चंद्रास्त16:25
- मास:
- आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1956 · विक्रम (चैत्रादि) 2091
- संवत्सर:
- आनंद (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- तुला
- चंद्र राशि:
- कन्या 05:44 (9 नव॰) तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी 02:04 (9 नव॰) तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 04:20 (10 नव॰) तक
- नक्षत्र
- हस्त 16:26 तक, फिर चित्रा 19:06 (9 नव॰) तक
- योग
- विष्कम्भ 13:12 तक, फिर प्रीति 13:46 (9 नव॰) तक
- करण
- गर 13:02 तक, फिर वणिज 02:04 (9 नव॰) तक, फिर विष्टि 15:10 (9 नव॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:40परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:18 – 13:43
- यमगंड08:02 – 09:27
- गुलिक काल10:52 – 12:18
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:37 – 08:02
- अमृत(शुभ)08:02 – 09:27
- काल(वर्जित (परंपरा))09:27 – 10:52
- शुभ(शुभ)10:52 – 12:18
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:18 – 13:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:43 – 15:08
- चर(सामान्य)15:08 – 16:33
- लाभ(शुभ)16:33 – 17:58
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:58 – 19:33
- शुभ(शुभ)19:33 – 21:08
- अमृत(शुभ)21:08 – 22:43
- चर(सामान्य)22:43 – 00:18 (9 नव॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:18 (9 नव॰) – 01:53 (9 नव॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))01:53 (9 नव॰) – 03:28 (9 नव॰)
- लाभ(शुभ)03:28 (9 नव॰) – 05:03 (9 नव॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:03 (9 नव॰) – 06:37 (9 नव॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें