पंचांग 29 मार्च 2032

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

29 मार्च 2032 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:31
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय20:55
चंद्रास्त07:50
मास:
फाल्गुन (अमांत) · चैत्र (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
संवत्सर:
विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मीन
चंद्र राशि:
तुला

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 07:54 तक, फिर कृष्ण तृतीया 08:05 (30 मार्च) तक
नक्षत्र
स्वाती 05:02 (30 मार्च) तक, फिर विशाखा 05:30 (31 मार्च) तक
योग
व्याघात 07:57 तक, फिर हर्षण 07:01 (30 मार्च) तक
करण
गर 07:54 तक, फिर वणिज 20:02 तक, फिर विष्टि 08:05 (30 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:03
  • राहु काल08:03 – 09:35
  • यमगंड11:07 – 12:39
  • गुलिक काल14:11 – 15:43

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:31 – 08:03
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:03 – 09:35
  • शुभ(शुभ)09:35 – 11:07
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:07 – 12:39
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:39 – 14:11
  • चर(सामान्य)14:11 – 15:43
  • लाभ(शुभ)15:43 – 17:15
  • अमृत(शुभ)17:15 – 18:47

रात

  • चर(सामान्य)18:47 – 20:15
  • रोग(वर्जित (परंपरा))20:15 – 21:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:11
  • लाभ(शुभ)23:11 – 00:38 (30 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:38 (30 मार्च) – 02:06 (30 मार्च)
  • शुभ(शुभ)02:06 (30 मार्च) – 03:34 (30 मार्च)
  • अमृत(शुभ)03:34 (30 मार्च) – 05:02 (30 मार्च)
  • चर(सामान्य)05:02 (30 मार्च) – 06:30 (30 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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