पंचांग 24 सितंबर 2031
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
24 सितंबर 2031 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:29
चंद्रोदय13:10
चंद्रास्त00:41 (25 सित॰)
- मास:
- भाद्रपद (अमांत)
- संवत:
- शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
- संवत्सर:
- विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी 17:47 तक, फिर शुक्ल नवमी 15:30 (25 सित॰) तक
- नक्षत्र
- मूल 18:25 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 16:53 (25 सित॰) तक
- योग
- सौभाग्य 23:11 तक, फिर शोभन 20:10 (25 सित॰) तक
- करण
- विष्टि 06:49 तक, फिर बव 17:47 तक, फिर बालव 04:41 (25 सित॰) तक, फिर कौलव 15:30 (25 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:50परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:26 – 13:57
- यमगंड07:54 – 09:25
- गुलिक काल10:55 – 12:26
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:23 – 07:54
- अमृत(शुभ)07:54 – 09:25
- काल(वर्जित (परंपरा))09:25 – 10:55
- शुभ(शुभ)10:55 – 12:26
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:26 – 13:57
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:57 – 15:28
- चर(सामान्य)15:28 – 16:58
- लाभ(शुभ)16:58 – 18:29
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:29 – 19:58
- शुभ(शुभ)19:58 – 21:28
- अमृत(शुभ)21:28 – 22:57
- चर(सामान्य)22:57 – 00:26 (25 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:26 (25 सित॰) – 01:55 (25 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))01:55 (25 सित॰) – 03:25 (25 सित॰)
- लाभ(शुभ)03:25 (25 सित॰) – 04:54 (25 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:54 (25 सित॰) – 06:23 (25 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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