पंचांग 9 अगस्त 2031

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

9 अगस्त 2031 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:14
सूर्यास्त19:05
चंद्रोदय23:44
चंद्रास्त12:05
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
संवत्सर:
विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
मेष

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 17:26 तक, फिर कृष्ण अष्टमी 18:31 (10 अग॰) तक
नक्षत्र
अश्विनी 11:34 तक, फिर भरणी 13:09 (10 अग॰) तक
योग
गण्ड 01:24 (10 अग॰) तक, फिर वृद्धि 01:28 (11 अग॰) तक
करण
बव 17:26 तक, फिर बालव 05:53 (10 अग॰) तक, फिर कौलव 18:31 (10 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:05
  • राहु काल09:27 – 11:03
  • यमगंड14:16 – 15:52
  • गुलिक काल06:14 – 07:50

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))06:14 – 07:50
  • शुभ(शुभ)07:50 – 09:27
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:03
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:03 – 12:40
  • चर(सामान्य)12:40 – 14:16
  • लाभ(शुभ)14:16 – 15:52
  • अमृत(शुभ)15:52 – 17:29
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:29 – 19:05

रात

  • लाभ(शुभ)19:05 – 20:29
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:29 – 21:52
  • शुभ(शुभ)21:52 – 23:16
  • अमृत(शुभ)23:16 – 00:40 (10 अग॰)
  • चर(सामान्य)00:40 (10 अग॰) – 02:03 (10 अग॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))02:03 (10 अग॰) – 03:27 (10 अग॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:27 (10 अग॰) – 04:51 (10 अग॰)
  • लाभ(शुभ)04:51 (10 अग॰) – 06:14 (10 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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