पंचांग 8 जून 2031
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 जून 2031 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:09
चंद्रोदय22:03
चंद्रास्त08:47
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
- संवत्सर:
- विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- धनु 08:37 तक, फिर मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया 06:42 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी 03:25 (9 जून) तक, फिर कृष्ण पंचमी 00:33 (10 जून) तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा 00:47 (9 जून) तक, फिर श्रवण 22:40 (9 जून) तक
- योग
- ब्रह्म 00:30 (9 जून) तक, फिर इन्द्र 21:01 (9 जून) तक
- करण
- विष्टि 06:42 तक, फिर बव 17:01 तक, फिर बालव 03:25 (9 जून) तक, फिर कौलव 13:55 (9 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 13:00
- राहु काल17:30 – 19:09
- यमगंड12:33 – 14:12
- गुलिक काल15:51 – 17:30
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
- चर(सामान्य)07:36 – 09:15
- लाभ(शुभ)09:15 – 10:54
- अमृत(शुभ)10:54 – 12:33
- काल(वर्जित (परंपरा))12:33 – 14:12
- शुभ(शुभ)14:12 – 15:51
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:51 – 17:30
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:30 – 19:09
रात
- शुभ(शुभ)19:09 – 20:30
- अमृत(शुभ)20:30 – 21:51
- चर(सामान्य)21:51 – 23:12
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:12 – 00:33 (9 जून)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:33 (9 जून) – 01:54 (9 जून)
- लाभ(शुभ)01:54 (9 जून) – 03:15 (9 जून)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:15 (9 जून) – 04:36 (9 जून)
- शुभ(शुभ)04:36 (9 जून) – 05:57 (9 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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