पंचांग 4 जून 2031

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

4 जून 2031 · बुधवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:08
चंद्रोदय18:04
चंद्रास्त05:34 (5 जून)
मास:
ज्येष्ठ (अमांत)
संवत:
शक 1953 · विक्रम (चैत्रादि) 2088
संवत्सर:
विरोधकृत (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
तुला 08:34 तक, फिर वृश्चिक

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
बुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 20:51 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 17:28 (5 जून) तक
नक्षत्र
विशाखा 14:01 तक, फिर अनुराधा 11:34 (5 जून) तक
योग
शिव 20:14 तक, फिर सिद्ध 16:24 (5 जून) तक
करण
गर 10:24 तक, फिर वणिज 20:51 तक, फिर विष्टि 07:12 (5 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:59परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
  • राहु काल12:32 – 14:11
  • यमगंड07:36 – 09:15
  • गुलिक काल10:54 – 12:32

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • लाभ(शुभ)05:57 – 07:36
  • अमृत(शुभ)07:36 – 09:15
  • काल(वर्जित (परंपरा))09:15 – 10:54
  • शुभ(शुभ)10:54 – 12:32
  • रोग(वर्जित (परंपरा))12:32 – 14:11
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:11 – 15:50
  • चर(सामान्य)15:50 – 17:29
  • लाभ(शुभ)17:29 – 19:08

रात

  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:08 – 20:29
  • शुभ(शुभ)20:29 – 21:50
  • अमृत(शुभ)21:50 – 23:11
  • चर(सामान्य)23:11 – 00:32 (5 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))00:32 (5 जून) – 01:53 (5 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))01:53 (5 जून) – 03:15 (5 जून)
  • लाभ(शुभ)03:15 (5 जून) – 04:36 (5 जून)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:36 (5 जून) – 05:57 (5 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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