पंचांग 20 दिसंबर 2030
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
20 दिसंबर 2030 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:01
सूर्यास्त18:02
चंद्रोदय03:09 (21 दिस॰)
चंद्रास्त13:58
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1952 · विक्रम (चैत्रादि) 2087
- संवत्सर:
- साधारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- कन्या 07:36 तक, फिर तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी 14:50 तक, फिर कृष्ण एकादशी 12:33 (21 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- चित्रा 18:58 तक, फिर स्वाती 17:16 (21 दिस॰) तक
- योग
- शोभन 11:59 तक, फिर अतिगण्ड 08:59 (21 दिस॰) तक
- करण
- विष्टि 14:50 तक, फिर बव 01:46 (21 दिस॰) तक, फिर बालव 12:33 (21 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:54
- राहु काल11:09 – 12:32
- यमगंड15:17 – 16:39
- गुलिक काल08:24 – 09:46
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)07:01 – 08:24
- लाभ(शुभ)08:24 – 09:46
- अमृत(शुभ)09:46 – 11:09
- काल(वर्जित (परंपरा))11:09 – 12:32
- शुभ(शुभ)12:32 – 13:54
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:54 – 15:17
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:17 – 16:39
- चर(सामान्य)16:39 – 18:02
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:02 – 19:40
- काल(वर्जित (परंपरा))19:40 – 21:17
- लाभ(शुभ)21:17 – 22:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:54 – 00:32 (21 दिस॰)
- शुभ(शुभ)00:32 (21 दिस॰) – 02:09 (21 दिस॰)
- अमृत(शुभ)02:09 (21 दिस॰) – 03:47 (21 दिस॰)
- चर(सामान्य)03:47 (21 दिस॰) – 05:24 (21 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:24 (21 दिस॰) – 07:01 (21 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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