पंचांग 14 जून 2030
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
14 जून 2030 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:11
चंद्रोदय17:49
चंद्रास्त05:13 (15 जून)
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत)
- संवत:
- शक 1952 · विक्रम (चैत्रादि) 2087
- संवत्सर:
- साधारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी 07:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 03:50 (15 जून) तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 00:10 (16 जून) तक
- नक्षत्र
- अनुराधा 02:19 (15 जून) तक, फिर ज्येष्ठा 23:29 (15 जून) तक
- योग
- सिद्ध 17:01 तक, फिर साध्य 12:55 (15 जून) तक
- करण
- तैतिल 07:28 तक, फिर गर 17:40 तक, फिर वणिज 03:50 (15 जून) तक, फिर विष्टि 14:00 (15 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:08 – 13:01
- राहु काल10:55 – 12:34
- यमगंड15:53 – 17:32
- गुलिक काल07:37 – 09:16
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)05:57 – 07:37
- लाभ(शुभ)07:37 – 09:16
- अमृत(शुभ)09:16 – 10:55
- काल(वर्जित (परंपरा))10:55 – 12:34
- शुभ(शुभ)12:34 – 14:14
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:14 – 15:53
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:53 – 17:32
- चर(सामान्य)17:32 – 19:11
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:11 – 20:32
- काल(वर्जित (परंपरा))20:32 – 21:53
- लाभ(शुभ)21:53 – 23:14
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:14 – 00:34 (15 जून)
- शुभ(शुभ)00:34 (15 जून) – 01:55 (15 जून)
- अमृत(शुभ)01:55 (15 जून) – 03:16 (15 जून)
- चर(सामान्य)03:16 (15 जून) – 04:37 (15 जून)
- रोग(वर्जित (परंपरा))04:37 (15 जून) – 05:57 (15 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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