पंचांग 27 जनवरी 2030
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
27 जनवरी 2030 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:25
चंद्रोदय01:52 (28 जन॰)
चंद्रास्त12:23
- मास:
- पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
- संवत्सर:
- सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मकर
- चंद्र राशि:
- तुला 05:20 (28 जन॰) तक, फिर वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी 10:43 तक, फिर कृष्ण नवमी 08:38 (28 जन॰) तक
- नक्षत्र
- स्वाती 12:23 तक, फिर विशाखा 10:59 (28 जन॰) तक
- योग
- शूल 07:29 तक, फिर गण्ड 04:35 (28 जन॰) तक, फिर वृद्धि 01:40 (29 जन॰) तक
- करण
- कौलव 10:43 तक, फिर तैतिल 21:41 तक, फिर गर 08:38 (28 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:24 – 13:09
- राहु काल17:00 – 18:25
- यमगंड12:47 – 14:11
- गुलिक काल15:36 – 17:00
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:33
- चर(सामान्य)08:33 – 09:58
- लाभ(शुभ)09:58 – 11:22
- अमृत(शुभ)11:22 – 12:47
- काल(वर्जित (परंपरा))12:47 – 14:11
- शुभ(शुभ)14:11 – 15:36
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:36 – 17:00
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))17:00 – 18:25
रात
- शुभ(शुभ)18:25 – 20:00
- अमृत(शुभ)20:00 – 21:36
- चर(सामान्य)21:36 – 23:11
- रोग(वर्जित (परंपरा))23:11 – 00:47 (28 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:47 (28 जन॰) – 02:22 (28 जन॰)
- लाभ(शुभ)02:22 (28 जन॰) – 03:58 (28 जन॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:58 (28 जन॰) – 05:33 (28 जन॰)
- शुभ(शुभ)05:33 (28 जन॰) – 07:08 (28 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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