पंचांग 1 जनवरी 2030
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
1 जनवरी 2030 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:06
सूर्यास्त18:09
चंद्रोदय05:06 (2 जन॰)
चंद्रास्त15:25
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1952 · विक्रम (चैत्रादि) 2087
- संवत्सर:
- साधारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी 16:24 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी 13:34 (2 जन॰) तक
- नक्षत्र
- अनुराधा 02:03 (2 जन॰) तक, फिर ज्येष्ठा 23:58 (2 जन॰) तक
- योग
- शूल 20:08 तक, फिर गण्ड 16:36 (2 जन॰) तक
- करण
- तैतिल 16:24 तक, फिर गर 02:59 (2 जन॰) तक, फिर वणिज 13:34 (2 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:15 – 13:00
- राहु काल15:23 – 16:46
- यमगंड09:52 – 11:15
- गुलिक काल12:38 – 14:00
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:06 – 08:29
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:29 – 09:52
- चर(सामान्य)09:52 – 11:15
- लाभ(शुभ)11:15 – 12:38
- अमृत(शुभ)12:38 – 14:00
- काल(वर्जित (परंपरा))14:00 – 15:23
- शुभ(शुभ)15:23 – 16:46
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:46 – 18:09
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:09 – 19:46
- लाभ(शुभ)19:46 – 21:23
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:23 – 23:01
- शुभ(शुभ)23:01 – 00:38 (2 जन॰)
- अमृत(शुभ)00:38 (2 जन॰) – 02:15 (2 जन॰)
- चर(सामान्य)02:15 (2 जन॰) – 03:52 (2 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:52 (2 जन॰) – 05:29 (2 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:29 (2 जन॰) – 07:07 (2 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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