पंचांग 29 जून 2029

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

29 जून 2029 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:01
सूर्यास्त19:14
चंद्रोदय21:50
चंद्रास्त08:53
मास:
ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
संवत्सर:
सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
मकर 01:44 (30 जून) तक, फिर कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 05:59 (30 जून) तक, फिर कृष्ण पंचमी 06:53 (1 जुल॰) तक
नक्षत्र
श्रवण 13:15 तक, फिर धनिष्ठा 14:22 (30 जून) तक
योग
विष्कम्भ 00:25 (30 जून) तक, फिर प्रीति 00:01 (1 जुल॰) तक
करण
बव 17:47 तक, फिर बालव 05:59 (30 जून) तक, फिर कौलव 18:21 (30 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:04
  • राहु काल10:58 – 12:38
  • यमगंड15:56 – 17:35
  • गुलिक काल07:40 – 09:19

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:01 – 07:40
  • लाभ(शुभ)07:40 – 09:19
  • अमृत(शुभ)09:19 – 10:58
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:58 – 12:38
  • शुभ(शुभ)12:38 – 14:17
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:17 – 15:56
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:56 – 17:35
  • चर(सामान्य)17:35 – 19:14

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:14 – 20:35
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:35 – 21:56
  • लाभ(शुभ)21:56 – 23:17
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:17 – 00:38 (30 जून)
  • शुभ(शुभ)00:38 (30 जून) – 01:58 (30 जून)
  • अमृत(शुभ)01:58 (30 जून) – 03:19 (30 जून)
  • चर(सामान्य)03:19 (30 जून) – 04:40 (30 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:40 (30 जून) – 06:01 (30 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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