पंचांग 27 अप्रैल 2029

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

27 अप्रैल 2029 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:09
सूर्यास्त18:54
चंद्रोदय17:54
चंद्रास्त05:37 (28 अप्रैल)
मास:
चैत्र (अमांत)
संवत:
शक 1951 · विक्रम (चैत्रादि) 2086
संवत्सर:
सौम्य (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मेष
चंद्र राशि:
कन्या 17:49 तक, फिर तुला

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 19:55 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 16:06 (28 अप्रैल) तक
नक्षत्र
हस्त 07:19 तक, फिर चित्रा 04:18 (28 अप्रैल) तक, फिर स्वाती 01:21 (29 अप्रैल) तक
योग
हर्षण 08:04 तक, फिर वज्र 03:47 (28 अप्रैल) तक, फिर सिद्धि 23:34 (28 अप्रैल) तक
करण
गर 09:50 तक, फिर वणिज 19:55 तक, फिर विष्टि 06:00 (28 अप्रैल) तक, फिर बव 16:06 (28 अप्रैल) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:57
  • राहु काल10:56 – 12:32
  • यमगंड15:43 – 17:19
  • गुलिक काल07:45 – 09:20

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:09 – 07:45
  • लाभ(शुभ)07:45 – 09:20
  • अमृत(शुभ)09:20 – 10:56
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:56 – 12:32
  • शुभ(शुभ)12:32 – 14:07
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:07 – 15:43
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:19
  • चर(सामान्य)17:19 – 18:54

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))18:54 – 20:19
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:19 – 21:43
  • लाभ(शुभ)21:43 – 23:07
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:07 – 00:32 (28 अप्रैल)
  • शुभ(शुभ)00:32 (28 अप्रैल) – 01:56 (28 अप्रैल)
  • अमृत(शुभ)01:56 (28 अप्रैल) – 03:20 (28 अप्रैल)
  • चर(सामान्य)03:20 (28 अप्रैल) – 04:44 (28 अप्रैल)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:44 (28 अप्रैल) – 06:09 (28 अप्रैल)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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