पंचांग 16 दिसंबर 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
16 दिसंबर 2028 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:59
सूर्यास्त18:01
चंद्रोदय07:05
चंद्रास्त18:18
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या 07:36 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 06:41 (17 दिस॰) तक, फिर शुक्ल द्वितीया 06:23 (18 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- मूल 06:39 (17 दिस॰) तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 06:56 (18 दिस॰) तक
- योग
- गण्ड 04:23 (17 दिस॰) तक, फिर वृद्धि 02:52 (18 दिस॰) तक
- करण
- नाग 07:36 तक, फिर किंस्तुघ्न 19:04 तक, फिर बव 06:41 (17 दिस॰) तक, फिर बालव 18:27 (17 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:52
- राहु काल09:44 – 11:07
- यमगंड13:52 – 15:15
- गुलिक काल06:59 – 08:22
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:59 – 08:22
- शुभ(शुभ)08:22 – 09:44
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:44 – 11:07
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:07 – 12:30
- चर(सामान्य)12:30 – 13:52
- लाभ(शुभ)13:52 – 15:15
- अमृत(शुभ)15:15 – 16:38
- काल(वर्जित (परंपरा))16:38 – 18:01
रात
- लाभ(शुभ)18:01 – 19:38
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:38 – 21:15
- शुभ(शुभ)21:15 – 22:53
- अमृत(शुभ)22:53 – 00:30 (17 दिस॰)
- चर(सामान्य)00:30 (17 दिस॰) – 02:07 (17 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:07 (17 दिस॰) – 03:45 (17 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:45 (17 दिस॰) – 05:22 (17 दिस॰)
- लाभ(शुभ)05:22 (17 दिस॰) – 07:00 (17 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें