पंचांग 13 सितंबर 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
13 सितंबर 2028 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:22
सूर्यास्त18:38
चंद्रोदय01:28 (14 सित॰)
चंद्रास्त14:09
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- सिंह
- चंद्र राशि:
- मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण नवमी 17:25 तक, फिर कृष्ण दशमी 15:55 (14 सित॰) तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 02:18 (14 सित॰) तक, फिर पुनर्वसु 01:14 (15 सित॰) तक
- योग
- व्यतीपात 01:14 (14 सित॰) तक, फिर वरीयान 22:44 (14 सित॰) तक
- करण
- गर 17:25 तक, फिर वणिज 04:46 (14 सित॰) तक, फिर विष्टि 15:55 (14 सित॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:54परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:30 – 14:02
- यमगंड07:54 – 09:26
- गुलिक काल10:58 – 12:30
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:22 – 07:54
- अमृत(शुभ)07:54 – 09:26
- काल(वर्जित (परंपरा))09:26 – 10:58
- शुभ(शुभ)10:58 – 12:30
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:30 – 14:02
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:02 – 15:34
- चर(सामान्य)15:34 – 17:06
- लाभ(शुभ)17:06 – 18:38
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:38 – 20:06
- शुभ(शुभ)20:06 – 21:34
- अमृत(शुभ)21:34 – 23:02
- चर(सामान्य)23:02 – 00:30 (14 सित॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:30 (14 सित॰) – 01:58 (14 सित॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))01:58 (14 सित॰) – 03:26 (14 सित॰)
- लाभ(शुभ)03:26 (14 सित॰) – 04:54 (14 सित॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:54 (14 सित॰) – 06:22 (14 सित॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें