पंचांग 26 जुलाई 2028
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
26 जुलाई 2028 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:10
सूर्यास्त19:11
चंद्रोदय10:16
चंद्रास्त22:23
- मास:
- श्रावण (अमांत)
- संवत:
- शक 1950 · विक्रम (चैत्रादि) 2085
- संवत्सर:
- कीलक (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कर्क
- चंद्र राशि:
- कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी 16:46 तक, फिर शुक्ल षष्ठी 14:11 (27 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराफाल्गुनी 17:12 तक, फिर हस्त 15:26 (27 जुल॰) तक
- योग
- परिघ 07:17 तक, फिर शिव 03:58 (27 जुल॰) तक, फिर सिद्ध 00:59 (28 जुल॰) तक
- करण
- बव 06:12 तक, फिर बालव 16:46 तक, फिर कौलव 03:25 (27 जुल॰) तक, फिर तैतिल 14:11 (27 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:07परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:41 – 14:18
- यमगंड07:48 – 09:25
- गुलिक काल11:03 – 12:41
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:10 – 07:48
- अमृत(शुभ)07:48 – 09:25
- काल(वर्जित (परंपरा))09:25 – 11:03
- शुभ(शुभ)11:03 – 12:41
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:41 – 14:18
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:18 – 15:56
- चर(सामान्य)15:56 – 17:34
- लाभ(शुभ)17:34 – 19:11
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:11 – 20:34
- शुभ(शुभ)20:34 – 21:56
- अमृत(शुभ)21:56 – 23:18
- चर(सामान्य)23:18 – 00:41 (27 जुल॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:41 (27 जुल॰) – 02:03 (27 जुल॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:03 (27 जुल॰) – 03:25 (27 जुल॰)
- लाभ(शुभ)03:25 (27 जुल॰) – 04:48 (27 जुल॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:48 (27 जुल॰) – 06:10 (27 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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