पंचांग 9 मार्च 2028

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

9 मार्च 2028 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:47
सूर्यास्त18:42
चंद्रोदय17:05
चंद्रास्त05:54 (10 मार्च)
मास:
फाल्गुन (अमांत)
संवत:
शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
संवत्सर:
प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
कुंभ
चंद्र राशि:
कर्क 12:22 तक, फिर सिंह

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 14:02 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 10:21 (10 मार्च) तक
नक्षत्र
आश्लेषा 12:22 तक, फिर मघा 09:28 (10 मार्च) तक
योग
सुकर्मा 00:48 (10 मार्च) तक, फिर धृति 20:32 (10 मार्च) तक
करण
तैतिल 14:02 तक, फिर गर 00:12 (10 मार्च) तक, फिर वणिज 10:21 (10 मार्च) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:21 – 13:08
  • राहु काल14:14 – 15:43
  • यमगंड06:47 – 08:16
  • गुलिक काल09:46 – 11:15

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:47 – 08:16
  • रोग(वर्जित (परंपरा))08:16 – 09:46
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:46 – 11:15
  • चर(सामान्य)11:15 – 12:45
  • लाभ(शुभ)12:45 – 14:14
  • अमृत(शुभ)14:14 – 15:43
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:13
  • शुभ(शुभ)17:13 – 18:42

रात

  • अमृत(शुभ)18:42 – 20:13
  • चर(सामान्य)20:13 – 21:43
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:43 – 23:14
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:14 – 00:44 (10 मार्च)
  • लाभ(शुभ)00:44 (10 मार्च) – 02:15 (10 मार्च)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:15 (10 मार्च) – 03:45 (10 मार्च)
  • शुभ(शुभ)03:45 (10 मार्च) – 05:16 (10 मार्च)
  • अमृत(शुभ)05:16 (10 मार्च) – 06:46 (10 मार्च)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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