पंचांग 26 दिसंबर 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
26 दिसंबर 2027 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:04
सूर्यास्त18:05
चंद्रोदय06:34 (27 दिस॰)
चंद्रास्त16:46
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 03:14 (27 दिस॰) तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 00:23 (27 दिस॰) तक, फिर कृष्ण अमावस्या 01:42 (28 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 03:14 (27 दिस॰) तक, फिर मूल 05:07 (28 दिस॰) तक
- योग
- शूल 08:27 तक, फिर गण्ड 08:03 (27 दिस॰) तक
- करण
- विष्टि 11:54 तक, फिर शकुनि 00:23 (27 दिस॰) तक, फिर चतुष्पद 12:59 (27 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 12:56
- राहु काल16:42 – 18:05
- यमगंड12:34 – 13:57
- गुलिक काल15:20 – 16:42
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:04 – 08:26
- चर(सामान्य)08:26 – 09:49
- लाभ(शुभ)09:49 – 11:12
- अमृत(शुभ)11:12 – 12:34
- काल(वर्जित (परंपरा))12:34 – 13:57
- शुभ(शुभ)13:57 – 15:20
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:20 – 16:42
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:42 – 18:05
रात
- शुभ(शुभ)18:05 – 19:42
- अमृत(शुभ)19:42 – 21:20
- चर(सामान्य)21:20 – 22:57
- रोग(वर्जित (परंपरा))22:57 – 00:35 (27 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:35 (27 दिस॰) – 02:12 (27 दिस॰)
- लाभ(शुभ)02:12 (27 दिस॰) – 03:49 (27 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:49 (27 दिस॰) – 05:27 (27 दिस॰)
- शुभ(शुभ)05:27 (27 दिस॰) – 07:04 (27 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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