पंचांग 13 दिसंबर 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
13 दिसंबर 2027 · सोमवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:57
सूर्यास्त17:59
चंद्रोदय17:39
चंद्रास्तनहीं
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- वृषभ 02:22 (14 दिस॰) तक, फिर मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा 21:38 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 19:01 (14 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- रोहिणी 15:14 तक, फिर मृगशीर्ष 13:25 (14 दिस॰) तक
- योग
- साध्य 20:06 तक, फिर शुभ 16:46 (14 दिस॰) तक
- करण
- विष्टि 10:50 तक, फिर बव 21:38 तक, फिर बालव 08:22 (14 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:50
- राहु काल08:20 – 09:42
- यमगंड11:05 – 12:28
- गुलिक काल13:51 – 15:14
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- अमृत(शुभ)06:57 – 08:20
- काल(वर्जित (परंपरा))08:20 – 09:42
- शुभ(शुभ)09:42 – 11:05
- रोग(वर्जित (परंपरा))11:05 – 12:28
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:28 – 13:51
- चर(सामान्य)13:51 – 15:14
- लाभ(शुभ)15:14 – 16:36
- अमृत(शुभ)16:36 – 17:59
रात
- चर(सामान्य)17:59 – 19:36
- रोग(वर्जित (परंपरा))19:36 – 21:14
- काल(वर्जित (परंपरा))21:14 – 22:51
- लाभ(शुभ)22:51 – 00:28 (14 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:28 (14 दिस॰) – 02:06 (14 दिस॰)
- शुभ(शुभ)02:06 (14 दिस॰) – 03:43 (14 दिस॰)
- अमृत(शुभ)03:43 (14 दिस॰) – 05:20 (14 दिस॰)
- चर(सामान्य)05:20 (14 दिस॰) – 06:57 (14 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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