पंचांग 2 अक्टूबर 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
2 अक्टूबर 2027 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:25
सूर्यास्त18:22
चंद्रोदय08:22
चंद्रास्त19:52
- मास:
- आश्विन (अमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- तुला
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया 02:09 (3 अक्टू॰) तक, फिर शुक्ल चतुर्थी 01:28 (4 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- स्वाती 00:03 (3 अक्टू॰) तक, फिर विशाखा 00:00 (4 अक्टू॰) तक
- योग
- वैधृति 15:42 तक, फिर विष्कम्भ 13:45 (3 अक्टू॰) तक
- करण
- तैतिल 14:46 तक, फिर गर 02:09 (3 अक्टू॰) तक, फिर वणिज 13:43 (3 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:59 – 12:47
- राहु काल09:24 – 10:54
- यमगंड13:53 – 15:23
- गुलिक काल06:25 – 07:54
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:25 – 07:54
- शुभ(शुभ)07:54 – 09:24
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:24 – 10:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:54 – 12:23
- चर(सामान्य)12:23 – 13:53
- लाभ(शुभ)13:53 – 15:23
- अमृत(शुभ)15:23 – 16:52
- काल(वर्जित (परंपरा))16:52 – 18:22
रात
- लाभ(शुभ)18:22 – 19:52
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:52 – 21:23
- शुभ(शुभ)21:23 – 22:53
- अमृत(शुभ)22:53 – 00:24 (3 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)00:24 (3 अक्टू॰) – 01:54 (3 अक्टू॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))01:54 (3 अक्टू॰) – 03:24 (3 अक्टू॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:24 (3 अक्टू॰) – 04:55 (3 अक्टू॰)
- लाभ(शुभ)04:55 (3 अक्टू॰) – 06:25 (3 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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