पंचांग 15 मई 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
15 मई 2027 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:01
सूर्यास्त19:00
चंद्रोदय14:30
चंद्रास्त02:48 (16 मई)
- मास:
- वैशाख (अमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मेष
- चंद्र राशि:
- सिंह 17:52 तक, फिर कन्या
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी 18:17 तक, फिर शुक्ल एकादशी 17:13 (16 मई) तक
- नक्षत्र
- पूर्वाफाल्गुनी 12:00 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 11:35 (16 मई) तक
- योग
- व्याघात 06:33 तक, फिर हर्षण 04:31 (16 मई) तक, फिर वज्र 02:43 (17 मई) तक
- करण
- तैतिल 06:56 तक, फिर गर 18:17 तक, फिर वणिज 05:43 (16 मई) तक, फिर विष्टि 17:13 (16 मई) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:57
- राहु काल09:16 – 10:53
- यमगंड14:08 – 15:46
- गुलिक काल06:01 – 07:38
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:01 – 07:38
- शुभ(शुभ)07:38 – 09:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:16 – 10:53
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:53 – 12:31
- चर(सामान्य)12:31 – 14:08
- लाभ(शुभ)14:08 – 15:46
- अमृत(शुभ)15:46 – 17:23
- काल(वर्जित (परंपरा))17:23 – 19:00
रात
- लाभ(शुभ)19:00 – 20:23
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:23 – 21:45
- शुभ(शुभ)21:45 – 23:08
- अमृत(शुभ)23:08 – 00:30 (16 मई)
- चर(सामान्य)00:30 (16 मई) – 01:53 (16 मई)
- रोग(वर्जित (परंपरा))01:53 (16 मई) – 03:15 (16 मई)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:15 (16 मई) – 04:38 (16 मई)
- लाभ(शुभ)04:38 (16 मई) – 06:00 (16 मई)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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