पंचांग 23 दिसंबर 2026
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
23 दिसंबर 2026 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:02
सूर्यास्त18:04
चंद्रोदय17:17
चंद्रास्तनहीं
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
- संवत्सर:
- पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- वृषभ 18:26 तक, फिर मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी 10:47 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा 06:58 (24 दिस॰) तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा 03:07 (25 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- रोहिणी 07:56 तक, फिर मृगशीर्ष 04:53 (24 दिस॰) तक, फिर आर्द्रा 01:47 (25 दिस॰) तक
- योग
- शुभ 17:15 तक, फिर शुक्ल 12:51 (24 दिस॰) तक
- करण
- वणिज 10:47 तक, फिर विष्टि 20:53 तक, फिर बव 06:58 (24 दिस॰) तक, फिर बालव 17:02 (24 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:11 – 12:55परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:33 – 13:56
- यमगंड08:25 – 09:48
- गुलिक काल11:10 – 12:33
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)07:02 – 08:25
- अमृत(शुभ)08:25 – 09:48
- काल(वर्जित (परंपरा))09:48 – 11:10
- शुभ(शुभ)11:10 – 12:33
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:33 – 13:56
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))13:56 – 15:18
- चर(सामान्य)15:18 – 16:41
- लाभ(शुभ)16:41 – 18:04
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:04 – 19:41
- शुभ(शुभ)19:41 – 21:18
- अमृत(शुभ)21:18 – 22:56
- चर(सामान्य)22:56 – 00:33 (24 दिस॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:33 (24 दिस॰) – 02:11 (24 दिस॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:11 (24 दिस॰) – 03:48 (24 दिस॰)
- लाभ(शुभ)03:48 (24 दिस॰) – 05:25 (24 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:25 (24 दिस॰) – 07:03 (24 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें