पंचांग 17 दिसंबर 2026
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
17 दिसंबर 2026 · गुरुवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:59
सूर्यास्त18:01
चंद्रोदय12:30
चंद्रास्त00:58 (18 दिस॰)
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत)
- संवत:
- शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
- संवत्सर:
- पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- कुंभ 09:13 तक, फिर मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी 23:26 तक, फिर शुक्ल नवमी 23:14 (18 दिस॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 15:30 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 16:10 (18 दिस॰) तक
- योग
- सिद्धि 13:21 तक, फिर व्यतीपात 12:19 (18 दिस॰) तक
- करण
- विष्टि 11:12 तक, फिर बव 23:26 तक, फिर बालव 11:27 (18 दिस॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:52
- राहु काल13:53 – 15:15
- यमगंड06:59 – 08:22
- गुलिक काल09:45 – 11:07
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- शुभ(शुभ)06:59 – 08:22
- रोग(वर्जित (परंपरा))08:22 – 09:45
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:45 – 11:07
- चर(सामान्य)11:07 – 12:30
- लाभ(शुभ)12:30 – 13:53
- अमृत(शुभ)13:53 – 15:15
- काल(वर्जित (परंपरा))15:15 – 16:38
- शुभ(शुभ)16:38 – 18:01
रात
- अमृत(शुभ)18:01 – 19:38
- चर(सामान्य)19:38 – 21:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))21:16 – 22:53
- काल(वर्जित (परंपरा))22:53 – 00:30 (18 दिस॰)
- लाभ(शुभ)00:30 (18 दिस॰) – 02:08 (18 दिस॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:08 (18 दिस॰) – 03:45 (18 दिस॰)
- शुभ(शुभ)03:45 (18 दिस॰) – 05:22 (18 दिस॰)
- अमृत(शुभ)05:22 (18 दिस॰) – 07:00 (18 दिस॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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