पंचांग 4 दिसंबर 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

4 दिसंबर 2026 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:52
सूर्यास्त17:57
चंद्रोदय03:31 (5 दिस॰)
चंद्रास्त14:32
मास:
कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
वृश्चिक
चंद्र राशि:
कन्या 23:02 तक, फिर तुला

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:45 तक, फिर कृष्ण द्वादशी 00:52 (6 दिस॰) तक
नक्षत्र
हस्त 10:23 तक, फिर चित्रा 11:49 (5 दिस॰) तक
योग
आयुष्मान 08:23 तक, फिर सौभाग्य 07:53 (5 दिस॰) तक
करण
बव 11:21 तक, फिर बालव 23:45 तक, फिर कौलव 12:15 (5 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:02 – 12:46
  • राहु काल11:01 – 12:24
  • यमगंड15:10 – 16:33
  • गुलिक काल08:15 – 09:38

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)06:52 – 08:15
  • लाभ(शुभ)08:15 – 09:38
  • अमृत(शुभ)09:38 – 11:01
  • काल(वर्जित (परंपरा))11:01 – 12:24
  • शुभ(शुभ)12:24 – 13:47
  • रोग(वर्जित (परंपरा))13:47 – 15:10
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:10 – 16:33
  • चर(सामान्य)16:33 – 17:57

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:57 – 19:34
  • काल(वर्जित (परंपरा))19:34 – 21:10
  • लाभ(शुभ)21:10 – 22:47
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:47 – 00:24 (5 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)00:24 (5 दिस॰) – 02:01 (5 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)02:01 (5 दिस॰) – 03:38 (5 दिस॰)
  • चर(सामान्य)03:38 (5 दिस॰) – 05:15 (5 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))05:15 (5 दिस॰) – 06:52 (5 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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