पंचांग 20 नवंबर 2026
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
20 नवंबर 2026 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:43
सूर्यास्त17:56
चंद्रोदय14:34
चंद्रास्त03:10 (21 नव॰)
- मास:
- कार्तिक (अमांत)
- संवत:
- शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
- संवत्सर:
- पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- वृश्चिक
- चंद्र राशि:
- मीन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी 07:16 तक, फिर शुक्ल एकादशी 06:32 (21 नव॰) तक, फिर शुक्ल द्वादशी 04:56 (22 नव॰) तक
- नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपदा 06:56 तक, फिर उत्तरभाद्रपदा 06:50 (21 नव॰) तक
- योग
- वज्र 04:55 (21 नव॰) तक, फिर सिद्धि 02:30 (22 नव॰) तक
- करण
- गर 07:16 तक, फिर वणिज 19:00 तक, फिर विष्टि 06:32 (21 नव॰) तक, फिर बव 17:50 (21 नव॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:57 – 12:42
- राहु काल10:55 – 12:20
- यमगंड15:08 – 16:32
- गुलिक काल08:07 – 09:31
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:43 – 08:07
- लाभ(शुभ)08:07 – 09:31
- अमृत(शुभ)09:31 – 10:55
- काल(वर्जित (परंपरा))10:55 – 12:20
- शुभ(शुभ)12:20 – 13:44
- रोग(वर्जित (परंपरा))13:44 – 15:08
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:08 – 16:32
- चर(सामान्य)16:32 – 17:56
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:56 – 19:32
- काल(वर्जित (परंपरा))19:32 – 21:08
- लाभ(शुभ)21:08 – 22:44
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))22:44 – 00:20 (21 नव॰)
- शुभ(शुभ)00:20 (21 नव॰) – 01:56 (21 नव॰)
- अमृत(शुभ)01:56 (21 नव॰) – 03:32 (21 नव॰)
- चर(सामान्य)03:32 (21 नव॰) – 05:08 (21 नव॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:08 (21 नव॰) – 06:44 (21 नव॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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