पंचांग 3 सितंबर 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

3 सितंबर 2026 · गुरुवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:20
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय23:07
चंद्रास्त11:52
मास:
श्रावण (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1948 · विक्रम (चैत्रादि) 2083
संवत्सर:
पराभव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
सिंह
चंद्र राशि:
मेष 07:26 तक, फिर वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
गुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 02:25 (4 सित॰) तक, फिर कृष्ण अष्टमी 00:13 (5 सित॰) तक
नक्षत्र
कृत्तिका 00:29 (4 सित॰) तक, फिर रोहिणी 23:04 (4 सित॰) तक
योग
व्याघात 18:33 तक, फिर हर्षण 15:44 (4 सित॰) तक
करण
विष्टि 15:27 तक, फिर बव 02:25 (4 सित॰) तक, फिर बालव 13:21 (4 सित॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:08 – 12:58
  • राहु काल14:07 – 15:40
  • यमगंड06:20 – 07:53
  • गुलिक काल09:27 – 11:00

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • शुभ(शुभ)06:20 – 07:53
  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:53 – 09:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))09:27 – 11:00
  • चर(सामान्य)11:00 – 12:33
  • लाभ(शुभ)12:33 – 14:07
  • अमृत(शुभ)14:07 – 15:40
  • काल(वर्जित (परंपरा))15:40 – 17:14
  • शुभ(शुभ)17:14 – 18:47

रात

  • अमृत(शुभ)18:47 – 20:14
  • चर(सामान्य)20:14 – 21:40
  • रोग(वर्जित (परंपरा))21:40 – 23:07
  • काल(वर्जित (परंपरा))23:07 – 00:33 (4 सित॰)
  • लाभ(शुभ)00:33 (4 सित॰) – 02:00 (4 सित॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))02:00 (4 सित॰) – 03:27 (4 सित॰)
  • शुभ(शुभ)03:27 (4 सित॰) – 04:53 (4 सित॰)
  • अमृत(शुभ)04:53 (4 सित॰) – 06:20 (4 सित॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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