पंचांग 27 जनवरी 2026

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

27 जनवरी 2026 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:09
सूर्यास्त18:25
चंद्रोदय12:48
चंद्रास्त02:28 (28 जन॰)
मास:
माघ (अमांत)
संवत:
शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
संवत्सर:
विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शिशिर · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मकर
चंद्र राशि:
मेष 16:45 तक, फिर वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 19:05 तक, फिर शुक्ल दशमी 16:36 (28 जन॰) तक
नक्षत्र
भरणी 11:09 तक, फिर कृत्तिका 09:27 (28 जन॰) तक
योग
शुक्ल 03:12 (28 जन॰) तक, फिर ब्रह्म 23:54 (28 जन॰) तक
करण
बालव 08:14 तक, फिर कौलव 19:05 तक, फिर तैतिल 05:53 (28 जन॰) तक, फिर गर 16:36 (28 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:24 – 13:09
  • राहु काल15:36 – 17:00
  • यमगंड09:58 – 11:22
  • गुलिक काल12:47 – 14:11

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:09 – 08:33
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:33 – 09:58
  • चर(सामान्य)09:58 – 11:22
  • लाभ(शुभ)11:22 – 12:47
  • अमृत(शुभ)12:47 – 14:11
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:11 – 15:36
  • शुभ(शुभ)15:36 – 17:00
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:00 – 18:25

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:25 – 20:00
  • लाभ(शुभ)20:00 – 21:36
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:36 – 23:11
  • शुभ(शुभ)23:11 – 00:47 (28 जन॰)
  • अमृत(शुभ)00:47 (28 जन॰) – 02:22 (28 जन॰)
  • चर(सामान्य)02:22 (28 जन॰) – 03:58 (28 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:58 (28 जन॰) – 05:33 (28 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:33 (28 जन॰) – 07:09 (28 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61

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