पंचांग 9 नवंबर 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
9 नवंबर 2025 · रविवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:38
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदय21:48
चंद्रास्त10:38
- मास:
- कार्तिक (अमांत) · मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
- संवत्सर:
- विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शरद · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- तुला
- चंद्र राशि:
- मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी 01:55 (10 नव॰) तक, फिर कृष्ण षष्ठी 00:08 (11 नव॰) तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 20:04 तक, फिर पुनर्वसु 18:48 (10 नव॰) तक
- योग
- सिद्ध 15:02 तक, फिर साध्य 12:05 (10 नव॰) तक
- करण
- कौलव 15:05 तक, फिर तैतिल 01:55 (10 नव॰) तक, फिर गर 12:56 (10 नव॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:40
- राहु काल16:33 – 17:58
- यमगंड12:18 – 13:43
- गुलिक काल15:08 – 16:33
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))06:38 – 08:03
- चर(सामान्य)08:03 – 09:28
- लाभ(शुभ)09:28 – 10:53
- अमृत(शुभ)10:53 – 12:18
- काल(वर्जित (परंपरा))12:18 – 13:43
- शुभ(शुभ)13:43 – 15:08
- रोग(वर्जित (परंपरा))15:08 – 16:33
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))16:33 – 17:58
रात
- शुभ(शुभ)17:58 – 19:33
- अमृत(शुभ)19:33 – 21:08
- चर(सामान्य)21:08 – 22:43
- रोग(वर्जित (परंपरा))22:43 – 00:18 (10 नव॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))00:18 (10 नव॰) – 01:53 (10 नव॰)
- लाभ(शुभ)01:53 (10 नव॰) – 03:28 (10 नव॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))03:28 (10 नव॰) – 05:03 (10 नव॰)
- शुभ(शुभ)05:03 (10 नव॰) – 06:38 (10 नव॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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