पंचांग 12 जुलाई 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
12 जुलाई 2025 · शनिवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:05
सूर्यास्त19:14
चंद्रोदय20:41
चंद्रास्त07:12
- मास:
- आषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
- संवत्सर:
- विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मिथुन
- चंद्र राशि:
- मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शनिवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 01:46 (13 जुल॰) तक, फिर कृष्ण तृतीया 01:03 (14 जुल॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा 06:36 तक, फिर श्रवण 06:53 (13 जुल॰) तक
- योग
- विष्कम्भ 19:31 तक, फिर प्रीति 18:00 (13 जुल॰) तक
- करण
- तैतिल 14:00 तक, फिर गर 01:46 (13 जुल॰) तक, फिर वणिज 13:27 (13 जुल॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:13 – 13:06
- राहु काल09:22 – 11:01
- यमगंड14:18 – 15:57
- गुलिक काल06:05 – 07:44
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- काल(वर्जित (परंपरा))06:05 – 07:44
- शुभ(शुभ)07:44 – 09:22
- रोग(वर्जित (परंपरा))09:22 – 11:01
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))11:01 – 12:40
- चर(सामान्य)12:40 – 14:18
- लाभ(शुभ)14:18 – 15:57
- अमृत(शुभ)15:57 – 17:36
- काल(वर्जित (परंपरा))17:36 – 19:14
रात
- लाभ(शुभ)19:14 – 20:36
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:36 – 21:57
- शुभ(शुभ)21:57 – 23:19
- अमृत(शुभ)23:19 – 00:40 (13 जुल॰)
- चर(सामान्य)00:40 (13 जुल॰) – 02:01 (13 जुल॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))02:01 (13 जुल॰) – 03:23 (13 जुल॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))03:23 (13 जुल॰) – 04:44 (13 जुल॰)
- लाभ(शुभ)04:44 (13 जुल॰) – 06:05 (13 जुल॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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