पंचांग 8 अप्रैल 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 अप्रैल 2025 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:23
सूर्यास्त18:49
चंद्रोदय15:11
चंद्रास्त04:09 (9 अप्रैल)
- मास:
- चैत्र (अमांत)
- संवत:
- शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
- संवत्सर:
- विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- मीन
- चंद्र राशि:
- कर्क 07:55 तक, फिर सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी 21:13 तक, फिर शुक्ल द्वादशी 22:55 (9 अप्रैल) तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा 07:55 तक, फिर मघा 09:57 (9 अप्रैल) तक
- योग
- शूल 18:10 तक, फिर गण्ड 18:25 (9 अप्रैल) तक
- करण
- वणिज 08:33 तक, फिर विष्टि 21:13 तक, फिर बव 10:01 (9 अप्रैल) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:11 – 13:01
- राहु काल15:43 – 17:16
- यमगंड09:29 – 11:03
- गुलिक काल12:36 – 14:09
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:23 – 07:56
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:56 – 09:29
- चर(सामान्य)09:29 – 11:03
- लाभ(शुभ)11:03 – 12:36
- अमृत(शुभ)12:36 – 14:09
- काल(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:43
- शुभ(शुभ)15:43 – 17:16
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:16 – 18:49
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:49 – 20:16
- लाभ(शुभ)20:16 – 21:42
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:42 – 23:09
- शुभ(शुभ)23:09 – 00:36 (9 अप्रैल)
- अमृत(शुभ)00:36 (9 अप्रैल) – 02:02 (9 अप्रैल)
- चर(सामान्य)02:02 (9 अप्रैल) – 03:29 (9 अप्रैल)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:29 (9 अप्रैल) – 04:55 (9 अप्रैल)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:55 (9 अप्रैल) – 06:22 (9 अप्रैल)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
अपनी कुंडली देखें