पंचांग 12 मार्च 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
12 मार्च 2025 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:45
सूर्यास्त18:43
चंद्रोदय17:15
चंद्रास्त06:07 (13 मार्च)
- मास:
- फाल्गुन (अमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- कुंभ
- चंद्र राशि:
- सिंह
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी 09:12 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी 10:36 (13 मार्च) तक
- नक्षत्र
- मघा 04:05 (13 मार्च) तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी 06:19 (14 मार्च) तक
- योग
- सुकर्मा 13:00 तक, फिर धृति 13:02 (13 मार्च) तक
- करण
- तैतिल 09:12 तक, फिर गर 21:51 तक, फिर वणिज 10:36 (13 मार्च) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:20 – 13:08परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:44 – 14:14
- यमगंड08:15 – 09:44
- गुलिक काल11:14 – 12:44
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)06:45 – 08:15
- अमृत(शुभ)08:15 – 09:44
- काल(वर्जित (परंपरा))09:44 – 11:14
- शुभ(शुभ)11:14 – 12:44
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:44 – 14:14
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:14 – 15:43
- चर(सामान्य)15:43 – 17:13
- लाभ(शुभ)17:13 – 18:43
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:43 – 20:13
- शुभ(शुभ)20:13 – 21:43
- अमृत(शुभ)21:43 – 23:13
- चर(सामान्य)23:13 – 00:43 (13 मार्च)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:43 (13 मार्च) – 02:14 (13 मार्च)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:14 (13 मार्च) – 03:44 (13 मार्च)
- लाभ(शुभ)03:44 (13 मार्च) – 05:14 (13 मार्च)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:14 (13 मार्च) – 06:44 (13 मार्च)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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