पंचांग 7 मार्च 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
7 मार्च 2025 · शुक्रवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:49
सूर्यास्त18:42
चंद्रोदय12:27
चंद्रास्त02:24 (8 मार्च)
- मास:
- फाल्गुन (अमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- शिशिर · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- कुंभ
- चंद्र राशि:
- वृषभ 11:45 तक, फिर मिथुन
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी 09:19 तक, फिर शुक्ल नवमी 08:17 (8 मार्च) तक
- नक्षत्र
- मृगशीर्ष 23:32 तक, फिर आर्द्रा 23:28 (8 मार्च) तक
- योग
- प्रीति 18:14 तक, फिर आयुष्मान 16:24 (8 मार्च) तक
- करण
- बव 09:19 तक, फिर बालव 20:44 तक, फिर कौलव 08:17 (8 मार्च) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:21 – 13:09
- राहु काल11:16 – 12:45
- यमगंड15:43 – 17:13
- गुलिक काल08:18 – 09:47
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- चर(सामान्य)06:49 – 08:18
- लाभ(शुभ)08:18 – 09:47
- अमृत(शुभ)09:47 – 11:16
- काल(वर्जित (परंपरा))11:16 – 12:45
- शुभ(शुभ)12:45 – 14:14
- रोग(वर्जित (परंपरा))14:14 – 15:43
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:43 – 17:13
- चर(सामान्य)17:13 – 18:42
रात
- रोग(वर्जित (परंपरा))18:42 – 20:12
- काल(वर्जित (परंपरा))20:12 – 21:43
- लाभ(शुभ)21:43 – 23:14
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:14 – 00:45 (8 मार्च)
- शुभ(शुभ)00:45 (8 मार्च) – 02:16 (8 मार्च)
- अमृत(शुभ)02:16 (8 मार्च) – 03:46 (8 मार्च)
- चर(सामान्य)03:46 (8 मार्च) – 05:17 (8 मार्च)
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:17 (8 मार्च) – 06:48 (8 मार्च)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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