पंचांग 1 जनवरी 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
1 जनवरी 2025 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:06
सूर्यास्त18:09
चंद्रोदय08:21
चंद्रास्त19:34
- मास:
- पौष (अमांत)
- संवत:
- शक 1946 · विक्रम (चैत्रादि) 2081
- संवत्सर:
- क्रोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया 02:24 (2 जन॰) तक, फिर शुक्ल तृतीया 01:08 (3 जन॰) तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा 23:46 तक, फिर श्रवण 23:10 (2 जन॰) तक
- योग
- व्याघात 17:06 तक, फिर हर्षण 14:57 (2 जन॰) तक
- करण
- बालव 14:56 तक, फिर कौलव 02:24 (2 जन॰) तक, फिर तैतिल 13:48 (2 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:16 – 13:00परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:38 – 14:01
- यमगंड08:29 – 09:52
- गुलिक काल11:15 – 12:38
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)07:06 – 08:29
- अमृत(शुभ)08:29 – 09:52
- काल(वर्जित (परंपरा))09:52 – 11:15
- शुभ(शुभ)11:15 – 12:38
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:38 – 14:01
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:01 – 15:23
- चर(सामान्य)15:23 – 16:46
- लाभ(शुभ)16:46 – 18:09
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))18:09 – 19:46
- शुभ(शुभ)19:46 – 21:23
- अमृत(शुभ)21:23 – 23:01
- चर(सामान्य)23:01 – 00:38 (2 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:38 (2 जन॰) – 02:15 (2 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))02:15 (2 जन॰) – 03:52 (2 जन॰)
- लाभ(शुभ)03:52 (2 जन॰) – 05:29 (2 जन॰)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))05:29 (2 जन॰) – 07:07 (2 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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